poem on student life in hindi-स्टूडेंट पर कविता

स्टूडेंट पर कविता (हास्य व्यंग्य) : 4 poem on student life in hindi – यहाँ पर विद्यार्थी पर 4 बेहतरीन कवितायेँ हैं। आज के छात्र की स्तिथि को देखते हुए छात्र पर यह रचित है।

1शक्तिशाली जीव विद्यार्थी

सजीव को निर्जीव बना दे, निर्जीव को सजीव।
विद्यार्थी इस धरती का ऐसा शक्तिशाली जीव।।

जीव है ऐसा जिबान जिसकी टीचर से भी तेज।
खूब पकाये सिर, तोड़े स्टूल, कुर्सी, मेज।।

मेज पर लिख देता किसी लड़की का नाम।
जब आये पीटने की बारी दोस्त को करे बदनाम।।

बदनामी से जुड़ा एक और जबरदस्त खेल।
खुद पास ना हो पाए तो टीचर को बताये फेल।।

फेल हो जाते समझने में टीचर देख के इनकी फैशन।
स्कूल पढ़ने ऐसे आये जैसे आये हिल स्टेशन।।

आये पहन फटी पेंट, शर्ट के खुले बटन।
फिर बोले देखो जम रहे टन टना टन टन।

टन टना टन रख मिजाज, देते हाई फाई जवाब।
कुछ नहीं बिगाड़ सकती अब इनका किताब।।

किताब का ज्ञान अब सोशल मीडिया के सामने फीका।
व्हाट्सअप फेसबुक से सीखा फ्यूचर ब्राइट का तरीका।।

इनके फ्यूचर के चक्कर में पेरेंट्स दिन-रात दौड़े।
थोड़ा बहुत पढ़ लो जी कहकर टीचर हाथ जोड़े।।

टीचर हाथ जोड़े क्योंकि ना दे सकते पनिशमेंट।
अब टीचर-स्टूडेंट का रिश्ता बना गया एग्रीमेंट।।

बन गया एग्रीमेंट इसलिए स्टूडेंट की यह हालत।
सिर पर उठा रखा आसमान और सरकार करे वकालत।।

——- Lokesh Indoura

2पढ़ें – टीचर पर कविता

आज का स्टूडेंट वाकई पहले से काफी विचित्र हो गया है। पहले स्टूडेंट अपने टीचर की हर बात को मानते थे। उनकी हाँ में हाँ मिलाते थे। लेकिन आज का स्टूडेंट वैसा नहीं है। वह हर बात पर टीचर से विवाद कर लेता है। हर वह बात जो उसे अपने हित की ना लगती हो भले ही वह उसी के भले के लिए हो। किन्तु विद्यार्थी उसे नेगटिव रूप से ज्यादा लेने लगा है।

STUDENT KAVITA

3अजब गजब विद्यार्थी

अजब-गजब का है जनाब
यह विद्यार्थी।
अध्ययन कर रहा ऐसे
कि विद्या की निकल रही अर्थी।।

ना टीचर का सम्मान करे
ना माता-पिता की बात सुने।
सुने प्रेम की पुकार
पढाई से सन्यास धरे।।

यही आज का स्टूडेंट
ज्ञान सिर्फ इतना।
जितना बॉडी में
छिटका सेंट।।

4गुरूजी से हर कदम आगे विद्यार्थी

अब गुरूजी से हर कदम आगे विद्यार्थी
धन्य हो विधार्थी उतारो इनकी आरती

गुरूजी आते होले से हो साइकिल पे सवार
देख स्टूडेंट बाइक पे इनको आता फर्राटे मार

एक वक्त टीचर के सामने स्टूडेंट का भागता था भूत
आज टीचर करे मजाल तो स्टूडेंट बन जाये यमदूत

टीचर आये नहाकर कहे नहाकर आने को
स्टूडेंट कहे टीचर से डीओ, परफ्यूम लगाने को

मास्टरजी निकाले किताब से बड़े ही ज्ञान के अक्षर
छात्र खोले लैपटॉप कहे गुरूजी बनो आप साक्षर

समझाते समझाते मैडम पसीना पसीना चेहरा पिल पीला
और स्टूडेंट मैडम को देख हो रहा रंग रंगीला

आज का स्टूडेंट चल रहा टीचर से बिलकुल विपरीत चाल
क्यों ना चले आखिर ज्ञान का नहीं फैशन का है सवाल

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